मंगल ग्रह के बारे में ये रोचक बातें नहीं जानते होंगे आप,
मंगल ग्रह पर चल रही अनेकों खोजों के बारे में तो आप जानते ही होंगे। ये बात भी शायद आप जानते हों कि सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह मंगल को लाल ग्रह भी कहा जाता है। लेकिन इस ग्रह से जुड़ी कई बातें ऐसी हैं जो रोचक हैं। आज हम आपको मंगल ग्रह से जुड़ी ऐसी ही कुछ बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें जानकर आप एक बार को सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि क्या वाकई में ये सच है....
Interesting facts about the mars
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1. मंगल ग्रह पर जीवन की खोज करने के लिए अभी तक कुल 8 अभियान किए गए हैं जिसमें 7 अभियान अमेरिका ने और एक अभियान भारत ने किया है।
2. इस समय मनुष्य द्वारा बनाई गई 12 वस्तुएं मंगल ग्रह पर हैं।
3. मंगल ग्रह (Mars Planet) की मिट्टी में लौह खनिज में जंग लगने के कारण यह लाल रंग का दिखाई देता है।
4. 1 - मंगल ग्रह पृथ्वी से केवल छोटा नहीं है बल्कि इसकी सतह का गुरुत्वाकर्षण भी पृथ्वी का लगभग 38 प्रतिशत है। यानि अगर आपका वजन धरती पर 100 किलो है तो मंगल पर कम गुरुत्वाकर्षण के कारण आपका वजन मात्र 37 किलो ही रह जाएगा।
5 मंगल पर एक ज्वालामुखी है जिसका नाम है ओलंपस मून। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये आज भी सक्रिय है। यह ज्वालामुखी लगभग 27.3 किलोमीटर ऊंचा है। इसकी ऊंचाई पृथ्वी के हवाई स्थित सबसे ऊंचे ज्वालामुखी मौन की और माउंट एवरेस्ट से लगभग 3 गुना ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर ये ज्वालामुखी उतनी ही जगह में फैला है जितनी जगह में पूरा फ्रांस है।
6 - यह माना जाता है कि इटली के खगोलविद गैलीलियो गैलीली ऐसे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने पहली बार पृथ्वी से मंगल को देखा था। उन्होंने साल 1609 में एक प्राचीन दूरबीन की सहायता इस ग्रह को देखा। इसके बाद साल 1659 में डच के खगोलविद ने एक उन्नत दूरबीन का उपयोग कर मंगल ग्रह देखा।
7 मंगल ग्रह के बारे में एक अनोखी बात ये भी है कि यह ग्रह पृथ्वी से ज्यादा छोटा, शुष्क और ठंडा है। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि मंगल पर एक साल पृथ्वी के 687 दिनों के बराबर है। इसके अलावा यहां कुछ बातें ऐसी है जो उसे पृथ्वी जैसा ही बनाती हैं। जैसे यहां ज्वालामुखी है, घाटी है और चार मौसम भी हैं। ये मौसम पृथ्वी से ज्यादा लंबे होते हैं।
8 एक तरफ जहां मंगल और पृथ्वी में बहुत सी समानताएं हैं वहीं एक बहुत बड़ी असमानता भी है और वह यहां की हवा। मंगल की ज्यादातर हवा जहरीली है जिसमें बड़ी संख्या में कार्बल डाइऑक्साइड घुली होती है। यहां ऑक्सीजन की मात्रा केवल 0.13 फीसदी ही है
9. मंगल सूखा और धूलदार ग्रह है। इसकी सतह चट्टानी है और यहां आसमान का रंग नीला नहीं बल्कि लाल है। कई बार तो ऐसा होता है कि विशाल धूल भरा तूफान महीनों चलता है जो पूरे ग्रह को कवर कर लेता है।
10. प्रकृति का एक अजूबा यह भी है कि मंगल में पृथ्वी के मुकाबले एक दिन में 40 मिनट अधिक होते हैं। हमारी धरती पर तो केवल एक ही चांद है लेकिन मंगल पर एक नहीं बल्कि दो चांद हैं। जिनके नाम हैं फोबोस और डिमोस।
11. मंगल की सतह चट्टानी है, जिसके खिसकने की घटनाएं आम तौर पर होती रहती हैं। यहां की सूखी और पथरीली सतह की तस्वीर देखते ही ग्रह पर अनोखे वातावरण का अनुभव कराती हैं।
12. गर्मियों में यहां सबसे ज्यादा तापमान -27 डिग्री सेल्सियस होता है। वहीं सर्दियों के समय में यहां का तापमान -133 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
13. वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि मंगल ग्रह पर सौरमंडल का सबसे बड़ा पर्वत है। यहां की घाटियां भी इतनी बड़ी हैं कि यदि यह पृथ्वी पर होतीं तो न्यूयॉर्क से लेकर एंजिल्स तक फैली होतीं।
14. वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले 2-4 करोड़ वर्षों में मंगल ग्रह का सबसे बड़ा चंद्रमा फोबस गुरुत्वाकर्षण बल से अलग हो जाएगा। जिसके बाद यह एक तरह का घेराव बनाएगा जो करीब 10 करोड़ वर्षों तक टिक सकता है।
15. नासा के अनुसार साल 2003 तक मंगल पृथ्वी से 3.5 मील की दूरी पर स्थित था। यह करीब 60,000 वर्षों में पृथ्वी के इतना करीब आया है। साल 2287 तक ऐसा होना बंद नहीं होगा।
16. अगर हम पृथ्वी की तुलना सौरमंडल के अन्य ग्रहों से करें तो उनमें मंगल ही एक ऐसा ग्रह जिसमें काफी कुछ पृथ्वी के समान है। इसी कारण से मंगल पर अभियान लगातार तेज हो रहे हैं। यहां जीवन की तलाश की जा रही है।
17.0 मंगल पर इतनी सारी जानकारी के अलावा अब वैज्ञानिकों का उद्देश्य ये पता करना है कि क्या यहां जीवन संभव है या नहीं और क्या कभी लोग यहां आकर रह सकते हैं।
9. मंगल सूखा और धूलदार ग्रह है। इसकी सतह चट्टानी है और यहां आसमान का रंग नीला नहीं बल्कि लाल है। कई बार तो ऐसा होता है कि विशाल धूल भरा तूफान महीनों चलता है जो पूरे ग्रह को कवर कर लेता है।
10. प्रकृति का एक अजूबा यह भी है कि मंगल में पृथ्वी के मुकाबले एक दिन में 40 मिनट अधिक होते हैं। हमारी धरती पर तो केवल एक ही चांद है लेकिन मंगल पर एक नहीं बल्कि दो चांद हैं। जिनके नाम हैं फोबोस और डिमोस।
11. मंगल की सतह चट्टानी है, जिसके खिसकने की घटनाएं आम तौर पर होती रहती हैं। यहां की सूखी और पथरीली सतह की तस्वीर देखते ही ग्रह पर अनोखे वातावरण का अनुभव कराती हैं।
12. गर्मियों में यहां सबसे ज्यादा तापमान -27 डिग्री सेल्सियस होता है। वहीं सर्दियों के समय में यहां का तापमान -133 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
13. वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि मंगल ग्रह पर सौरमंडल का सबसे बड़ा पर्वत है। यहां की घाटियां भी इतनी बड़ी हैं कि यदि यह पृथ्वी पर होतीं तो न्यूयॉर्क से लेकर एंजिल्स तक फैली होतीं।
14. वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले 2-4 करोड़ वर्षों में मंगल ग्रह का सबसे बड़ा चंद्रमा फोबस गुरुत्वाकर्षण बल से अलग हो जाएगा। जिसके बाद यह एक तरह का घेराव बनाएगा जो करीब 10 करोड़ वर्षों तक टिक सकता है।
15. नासा के अनुसार साल 2003 तक मंगल पृथ्वी से 3.5 मील की दूरी पर स्थित था। यह करीब 60,000 वर्षों में पृथ्वी के इतना करीब आया है। साल 2287 तक ऐसा होना बंद नहीं होगा।
16. अगर हम पृथ्वी की तुलना सौरमंडल के अन्य ग्रहों से करें तो उनमें मंगल ही एक ऐसा ग्रह जिसमें काफी कुछ पृथ्वी के समान है। इसी कारण से मंगल पर अभियान लगातार तेज हो रहे हैं। यहां जीवन की तलाश की जा रही है।
17.0 मंगल पर इतनी सारी जानकारी के अलावा अब वैज्ञानिकों का उद्देश्य ये पता करना है कि क्या यहां जीवन संभव है या नहीं और क्या कभी लोग यहां आकर रह सकते हैं।





hi friends this is so interesting
ReplyDeleteHello
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